सीरियल किलर जो 12 से 22 साल की लड़कियों की हत्या कर निशानी के लिए रख लेता था कटा सिर

सीरियल किलर के बारे में आपने कई खबरें पढ़ी होंगी। फिल्में भी देखी होंगी। मगर रियल लाइफ का यह ऐसा पहला सीरियल किलर है जिसकी असलियत जानकर आप हैरान रह जाएंगे। ऐसा शख्स जो सिर्फ स्कूल या कॉलेज जाने वाली 12 से 22 साल की लड़कियों को अगवा कर लेता था। इसके बाद कई दिन तक बंधक बनाकर उससे दुष्कर्म करता था। इस शख्स ने  5 साल में  30 से ज्यादा लड़कियों को साथ दरिंदगी की।पढ़िए दुनिया के टॉप-10 सीरियल किलर में से एक के असल ज़िंदगी की पूरी कहानी…  सिर्फ  crimehelpline.com पर

 

Special Report : USA 

दुनिया में जब कभी दरिंदगी और सनसनीखेज सीरियल किलर की बात होगी तब शायद यह केस सबसे पहले नंबर पर आएगा। इसका नाम है (Ted Bundy) टेड बंडी। एक ऐसा सीरियल किलर जो सिर्फ स्कूल या कॉलेज के आसपास ही अपने शिकार की तलाश करता था। जैसे ही मौका मिलता था तो 12 से 22 साल की स्कूल या कॉलेज जाने वाली लड़कियों को ही अगवा कर लेता था। इसके बाद लड़कियों को अपने पास 4 से 5 दिन या इससे भी ज्यादा दिनों तक रखकर दुष्कर्म करता था।

विरोध करने पर पिटाई करता था। जुल्म करता था और जब पूरी तरह से मन भर जाता था तब उसकी हत्या कर देता था। इस हैवान का हत्या के बाद भी मन नहीं भरता था और फिर लड़की के शरीर के सभी हिस्से को काटकर अलग-अलग कर देता था। जब यह पकड़ा गया तब 5 साल में सिर्फ 30 लड़कियों की हत्या करने की बात कबूल की। मगर माना जाता है कि यह हर महीने औसतन एक लड़की को शिकार बनाता था ऐसे में यह 60 से ज्यादा लड़कियों को मार चुका है मगर इस बारे में अब 40 साल बाद भी कुछ पुख्ता नहीं हो पाया है क्योंकि बहुत लड़कियां ऐसी हैं जिनका शव भी आजतक नहीं मिल पाया है।

 

दूसरी लड़की को अगवा करने तक पहली लड़की का कटा सिर निशानी के तौर पर रखा रहता था 

यह सीरियल किलर लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद शरीर के सभी हिस्सों को अलग करके कटे हुए सिर को अपने पास रख लेता था और बाकी को नदी या नाले में फेंक देता था। हत्या के बाद किसी लड़की के सिर को तब तक अपने पास रखता था जब तक की दूसरी लड़की को फिर से अगवा नहीं कर लेता था। यह सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला सिरियल किलर अमेरिका में पूरे 5 साल तक पुलिस के सिरदर्द बना रहा था।

 

कभी स्कूल में फिजिकल फिटनेस ट्रेनर था टेड बंडी, फिर लड़कियों का बना शिकारी

दिल दहला देने वाली घटनाओं को अंजाम देने वाला सिरियल किलर टेड बंडी अमेरिका के कई शहरों के लिए 1970 के दशक में खौफ का पर्याय बन चुका था। आलम यह था कि अगर कभी पुलिस की पकड़ में भी आ जाता था तो चकमा देकर बच जाता था। दो बार तो वह पुलिस हिरासत से भाग गया था। टेड बंडी पेशे से फिजिकल फिटनेस ट्रेनर हुआ करता था। उसी दौरान उसे स्कूल की लड़कियों के प्रति इस कदर आकर्षण हो गया कि वह सीरियल किलर बन गया।

 

पहला शिकार अमेरिका के सिएटल शहर की थी लिंडा

सबसे पहले इसने फरवरी 1973 में अमेरिका के सिएटल शहर में पढ़ने वाली 21 वर्षीय लिंडा हेली को अगवा कर लिया था। लिंडा रेडियो पर मौसम समाचार भी देती थी। इसे अगवा करने के बाद 4 दिनों दिनों तक अपने पास रखकर दुष्कर्म किया था। इसके बाद लिंडा के शरीर को काट-काटकर अलग कर लिया था। शरीर के कई टुकड़े करने के बाद उसने सिर को अपने पास रख लिया था। इस घटना के ठीक एक महीने बाद इसने 19 साल की डोना मेन्सन को एवरग्रीन स्टेट कॉलेज के बाहर से अगवा कर लिया था। इस लड़की की बॉडी का कोई हिस्सा आजतक नहीं मिल पाया है। इसी तरह इसने स्कूल जाने वाली 12 व 14 साल की कई लड़कियों को भी अगवा कर मार डाला था।

 

जेल के कमरे की छत को काटा और फिर कपड़े व किताबों के ऊपर कंबल डालकर भाग गया था टेड बंडी

serial killer ted bundy
जेल की छत जिसे तोड़ भागा था टेड बंडी, नीचे ऐसे कंबल डाला था जैसे वो सो रहा हो…

करीब 5 साल तक 30 से ज्यादा लड़कियों को अपहरण के बाद दुष्कर्म और हत्या करने वाले इस सीरियल किलर टेड बंडी को 16 अगस्त 1975 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे जेल में डाल दिया गया था। मगर यह शख्स इतना शातिर था कि जेल के कमरे में अपने सोने की जगह पर किताबें और कपड़े रखकर उसके ऊपर से कंबल डाल दिया था। ऐसा लग रहा था कि जैसे वो कंबल ओढ़कर सो रहा हो। इससे पहले ही वह कई दिनों तक मौका निकालकर जेल के कमरे की छत को काट चुका था। जिसके सहारे वह 1977 में वह भाग निकला था।

आखिरकार लोहे की कुर्सी पर बैठा करंट देकर मौत की सजा देनी पड़ी थी टेड बंडी को

दो बार पुलिस को चकमा देकर भाग निकलने वाले टेड बंडी की तलाश में अमेरिका की कई शहरों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था। स्कूल व कॉलेज के आसपास टेड बंडी के पोस्टर लगाकर लड़कियों को भी अलर्ट कर दिया गया था। इससे टेड अपना शिकार तो नहीं तलाश पा रहा था मगर पुलिस उसकी तलाश में दिन-रात जुटी थी। आखिरकार उसे तीसरी बार पकड़ लिया गया। उसके खिलाफ जल्दी से रिपोर्ट तैयार कर 24 जनवरी 1989 को टेड बंडी को मौत की सजा सुनाई गई थी। मगर इसे फांसी नहीं बल्कि टेड बंडी को कुर्सी पर बैठाकर करंट दे दिया गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी

 

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