आधी रात में सड़क पर गोद में बच्ची लिए महिला के बारे में जानेंगे तो करेंगे सैल्यूट

Special Report : Indore


गोद में बच्ची को लिए ये महिला आधी रात को सड़क पर निकली है। इस महिला की गोद में दो साल की बेटी है। इनके सामने जो दो लोग खड़े हैं इनमें एक एएसपी हैं और दूसरा इंस्पेक्टर। ये दोनों पुलिसकर्मी गोद में लिए महिला से कोई पूछताछ नहीं बल्कि महिला के सवालों का जवाब दे रहे हैं। ये महिला हैं मध्य प्रदेश और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की एसएसपी रुचि वर्धन। ऐसी महिला जिन्हें कानून की देवी की संज्ञा दी जा सकती है। परिवार और ड्यूटी दोनों के बीच में कोई समझौता नहीं करती हैं। दिनभर लॉ एंड ऑर्डर और क्राइम कंट्रोल करने के लिए चौकन्नी रहती हैं तो रात में भी अलर्ट रहती हैं।

उन महिलाओं के लिए मिसाल, जिन्हें परिवार व ड्यूटी में आती है दिक्कत

यह आईपीएस अक्सर किसी थाने का औचक निरीक्षण करने निकल जाती हैं। यह देखती हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही तो नहीं हो रही है। मगर एसएसपी होने के साथ वो एक मां भी हैं। ऐसे में बेटी को भी भला अपने से कैसे दूर कर सकती हैं। इसलिए वह गोदी में बेटी को लेकर भी अक्सर निरीक्षण करने चली जाती हैं। ऐसे में रुचि वर्धन अब उन महिलाओं के लिए मिसाल बन चुकी हैं जिन्हें लेकर अक्सर लोग कहते हैं कि परिवार और ड्यूटी दोनोंं के साथ ये ईमानदारी नहीं दिखा सकती हैं। ऐसी गलत सोच रखने वालों के लिए ये सबसे बड़ा व सटीक जवाब है।

क्रिमिनल के लिए कड़े तेवर तो परेशान पब्लिक-पुलिस दोनों की मदद के लिए हमेशा तत्पर

2006 बैच की आईपीएस ऑफिसर रुचि वर्धन क्रिमिनल के लिए कड़े तेवर अपनाने से जानी जाती हैं। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की लापरवाही पर भी हमेशा नजर रखती हैं। मगर साथ में यह भी ध्यान रखती हैं कि आखिर किसी पुलिसकर्मी को कोई दिक्कत तो नहीं है। दरअसल, ऐसे बहुत कम अधिकारी मिलते हैं जो अपने जूनियर के सुख-दुख के बारे में भी जानकारी लेते हैं और उनकी मदद करते हैं। यही वजह है कि कई राज्यों में ऐसे पुलिसवाले भी हैं जो अपने सीनियर से परेशान होकर आत्महत्या तक कर लेते हैं।

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