UP Police : जिन पुलिसवालों को कोसते हैं देखिए वो आपकी पंक्चर कार का पहिया भी बदलते हैं

Up Police के गुड वर्क को कम उनकी खामियों को अक्सर मीडिया व सोशल मीडिया के जरिए सामने लाया जाता है। मगर उसी यूपी पुलिस की ऐसी भी खूबी है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ये खूबी हो सकता है कि आपकी नजर में बहुत छोटी लगे मगर जरा गंभीरता से सोचेंगे तो आप यूपी पुलिस को सैल्यूट भी करेंगे। जी हां, बात हो रही है आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पंक्चर हुई एक कार के टायर बदलने में जुटे कुछ पुलिसकर्मियों की। कार के पंक्चर टायर को बदलना वैसे तो कोई बड़ी बात नहीं है मगर क्या पुलिस का यही काम है। फिर भी ऐसा किया जबकि उस समय कार में सवार परिवार के लोग भी थे।

टायर पंक्चर हुआ, स्टेफनी भी थी खराब, परिवार फंसा तो किया पुलिस को याद

यह मामला है 22 मार्च की दोपहर करीब 2 बजे का। एक परिवार की महिला, बच्ची और पति के साथ आगरा से लखनऊ अपनी आई-20 कार UP 32 FZ 8619 से जा रही थीं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आगरा से 83 किमी सफर करने के बाद ही कार का एक टायर फट गया। जिसके बाद परिवार ने साइड में कार रोकी। इसके बाद कार में रखी स्टेफनी की जांच की। इसमें पता चला कि स्टेफनी (एक्सट्रा टायर) में भी हवा नहीं थी। यह परिवार काफी देर तक परेशान रहा।

जब पुलिस को कोसते हैं तो आम जनता किसी परेशान पब्लिक की मदद क्यों नहीं करती?

दरअसल, यह छोटा केस होते हुए भी बड़ा इसलिए है क्योंकि कार पंक्चर और स्टेफनी में भी हवा नहीं होने पर परिवार की महिला और बच्ची ने वहां से गुजर रहे लोगों से मदद मांगी। मगर किसी से मदद नहीं मिली। इस तरह काफी देर तक परेशान होने के बाद पुलिस को 100 नंबर पर सूचना दी थी। यहां सोचने वाली बात है कि जब हम पुलिस को अक्सर कोसते हैं तो एक आम जनता की मुसीबत में दूसरी पब्लिक उसकी मदद क्यों नहीं करती है? उस समय परेशान व्यक्ति को देखने के बाद भी ज्यादातर लोग उसे पुलिस के भरोसे छोड़कर क्यों चले जाते हैं? सही मायनों में इन्हीं सवालों का जवाब जानने के लिए ये खबर लिखी गई है ताकि लोग इस पर सोचें।

100 नंबर सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने स्टेफनी में 7 किमी दूर जाकर भराया हवा और फिर खुद ही बदला भी

इस परिवार ने यूपी पुलिस को 100 नंबर पर सूचना दी थी। जिसके बाद यूपी-100 नंबर की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। इस पीआरवी पर तैनात सिपाही प्रदीप कुमार और सिपाही अखिलेश कुमार ने तुरंत मदद की और स्टेफनी को करीब 7 किमी दूर ले जाकर उसमें हवा भराया। इसके बाद उसे लेकर मौके पर पहुंचे और खुद ही कार के पंक्चर टायर को बाहर निकाला और फिर बदला भी। जिसके बाद परेशान परिवार उन पुलिसवालों को धन्यवाद देते हुए सकुशल अपने घर को रवाना हो गया। क्या ऐसे पुलिसकर्मियों को आप सैल्यूट नहीं करेंगे। यह सही बात है कि भले पुलिस चाहे जैसी भी हो मुसीबत में वही काम आती है।
जय हिंद-जय भारत

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