UP 100 ने बच्चों की सेफ्टी के लिए पैरेंट्स को दिया होमवर्क टिप्स, मिल रही सराहना

सुरक्षा को लेकर Up Police की तरफ से की जा रही पहल की आजकल काफी सराहना हो रही है। खासतौर पर UP 100 में तैनात पुलिसकर्मियों की। अक्सर किसी मुसीबत में फंसे व्यक्ति की मदद करने में तत्परता दिखा रहे हैं। इससे लोगों में पुलिस के प्रति सोच में बदलाव आने लगा है। अब UP100 की तरफ से बच्चों की सेफ्टी (Child Safety) को लेकर उनके माता-पिता को भी रोजाना होमवर्क करने की एक पहल की गई है। इस पहल की काफी संख्या में लोग सोशल मीडिया पर सराहना कर रहे हैं। दरअसल, ये कदम सराहनीय भी है।

#parentskaHomework : मैं घर से बाहर जाऊं तो जेब में पर्ची पर घर का पता व फोन नंबर जरूर लिखें

UP100 की तरफ से एक मैसेज बनाकर सोशल मीडिया पर डाला गया है। जिसमें लिखा है ‘मम्मी-पापा’…जब भी मैं घर से कहीं बाहर जाऊं, मेरी पॉकेट में ये लिख कर रख दिया करो..

1- घर का पता
2-  मम्मी-पापा का फोन नंबर

दरअसल, ये आज बेहद जरूरी है। हर माता-पिता अपने बच्चे की सेफ्टी में कोई लापरवाही नहीं बरतता है। इसके बाद भी भूलवश ही सही कई मौके आते हैं जब बच्चे गुम हो जाते हैं। ऐसे में उस माता-पिता की पीड़ा उनसे ज्यादा कोई नहीं समझ सकता है। इसलिए ऐसी पीड़ा से पहले ही ये जरूरी है कि हम ये छोटी सी पहल जरूर करें। इसके लिए यूपी पुलिस का यह संदेश सराहनीय है।

मेरे पापा भी यही करते थे, मैं भी यह करूगा.. याद दिलाने के लिए UP100 का शुक्रिया

UP100 की इस पहल को ट्विटर पर खूब सराहा जा रहा है। एक शख्स ट्विटर पर लिखते हैं मेरे पापा भी यही करते थे, मैं भी यह करूंगा। इस तरह इन्होंने पुलिस को याद दिलाने के लिए शुक्रिया किया है। वहीं, राकेश ने एक वाकया का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी पहले 5वीं में पढ़ने वाले मेरे बेटे ने की थी। उसने घर के नौकर की जेब में एक पर्ची रख दी थी। जिसक पर घर का पता और फोन नंबर लिखा हुआ था। एक दिन वह नौकर कहीं रास्ता भटककर खो गया लेकिन दूसरे दिन उसी पर्ची के सहारे घर पहुंच गया था।

इसलिए जरूरी है ये कदम : बच्चों के गुम होने के मामले बढ़ रहे, इससे मिलेगी बड़ी मदद

पिछले कुछ महीनों से बच्चों के भटक जाने या खेलते हुए कहीं गुम हो जाने की काफी शिकायतें मिल रही हैं। इसका पता चलने पर बच्चों के माता-पिता काफी परेशान होते हैं। हालांकि, ज्यादातर मामलों में सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मदद करती है और खोजबीन शुरू कर दे रही है। पिछले कुछ महीने में 20 से ज्यादा बच्चों को यूपी100 ने गुम होने के 24 घंटे के भीतर ही तलाश लिया है। इसी दौरान ये बात सामने आई कि अगर किसी बच्चे के माता-पिता घर से चाहे खेलने जाएं या घूमने, हमेशा अपने होमवर्क की तरह उनकी जेब में फोन नंबर व घर के पते के साथ एक पर्ची रख दें तो किसनी आसानी होगी।

बच्चों का आधार कार्ड भी बनवाना है जरूरी, न करें लापरवाही

UP100 की पहल की तरह बच्चों की जेब में पर्ची रखने के साथ आधार कार्ड भी बनवाना भी जरूरी है। बच्चे के जन्म के बाद कभी भी आधार कार्ड बनवाया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि बच्चे के माता-पिता में से कम सेे कम एक का पहले से आधार कार्ड होना चाहिए। दरअसल, NewBorn baby का फोटो ही लिया जाता है और उसे उनके माता-पिता के आधार से जोड़ दिया जाता है जिससे उनकी पहचान हो सके। इसके बाद बच्चा जब 5 साल और 15 साल का होता है तब दोनों बार उनके फिंगरप्रिंट लिए जाते हैं।

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