UP Police के इस दरोगा ने किया ऐसा काम तो चीनी नागरिकों ने किया सैल्यूट, बोले ग्रेट इंडियन पुलिस

जिस पुलिस को अक्सर आप कोसते रहते हैं उसी ने ऐसा काम किया कि चाइनीज भी यूपी पुलिस का गुणगान करने लगे। कई चीनी लोगों ने एक साथ भारतीय पुलिस को किया सैल्यूट और कहा कि आप सही मायनों में हमारी सुरक्षा करते हैं। ग्रेट इंडियन पुलिस। दरअसल, चीनी व्यक्ति ऐसे जंगल में फंस गया था कि खुद को असहाय महसूस कर रोने लगा था। पसीने से लथपथ हो चुका था। ऐसे में पैट्रोलिंग करते हुए एक दरोगा वहां पहुंचे और मदद करते हुए घर पहुंचाया तो खुशी में पुलिस को चीनी परिवार पैसे भी देने लगा। इस पर दरोगा ने पैसे लेने से मना कर दिया और बोले कि दिस इज माई ड्यूटी। इस पर चीनी नागरिकों ने इस दरोगा को सैल्यूट किया।

क्या है पूरा मामला : ग्रेटर नोएडा में वीवो मोबाइल का कर्मचारी शिंग फू मोबाइल गुम होने पर नहीं देख सका गूगल मैप, जंगल पहुंच गया

यह मामला दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में रहने वाले एक चीनी व्यक्ति शिंग फू का है। वह ग्रेटर नोएडा की वीवो मोबाइल कंपनी में कार्यरत है। 14 मई की रात में चीनी व्यक्ति का मोबाइल व पर्स गुम हो गया। जिसकी तलाश में रास्ता भटक गया और गूगल मैप से मदद भी नहीं ले पाया। जिसके चलते वह ग्रेटर नोेएडा से दूर जंगल में पहुंच गया। करीब डेढ़ घंटे तक भटकता रहा लेकिन कोई नहीं मिला। इससे परेशान होकर वह रोने लगा। उसी दौरान एरिया के चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर कोमल सिंह पेट्रोलिंग करते हुए उधर से गुजरे। एक पेड़ के नीचे किसी की आहट सुनकर वह टॉर्च लेकर पहुंचे तो चीनी व्यक्ति को देखकर वह भी हैरान रह गए। खाकी वर्दी में पुलिस और नेम प्लेट को देखकर चीनी व्यक्ति ने सिर्फ दो शब्द प्लीज हेल्प कहा और फिर रोने लगे।

सब इंस्पेक्टर ने कहा : where do you live.. चीनी ने कहा No Hindi, No English… Please Help

दरोगा कोमल सिंह कुंतल ने बताया कि चीनी व्यक्ति को जब देखा तो वह काफी घबराए थे और पसीने से तर-बतर थे। उनकी हालत देखकर समझ गए कि वो परेशान हैं। मगर उन्हें जाना कहां है ये समझ नहीं पा रहे थे। इसलिए अंग्रेजी में पूछा कि आप कहां रहते हैं (Where do you live) इस पर परेशान होते हुए कि चीनी व्यक्ति ने कहा कि नो इंग्लिश, नो हिंदी। यह सुनकर परेशानी बढ़ गई। इसके बाद इशारे में समझाते हुए अपनी कार में बैठने के लिए बुलाया और तुरंत पानी पिलाया। इस तरह चीनी व्यक्ति थोड़ा कूल हुआ।

दरोगा के इस आइडिया ने किया काम, कुछ दिन पहले चीनी कंपनी के मोबाइल लूट की जांच में ट्रांसेलटर से ली थी मदद

सब इंस्पेक्टर कोमल सिंह के चौकी एरिया से ही कुछ महीने ओपो मोबाइल कंपनी के हजारों मोबाइल लूट लिए गए थे। इस मामले की जांच वही कर रहे थे। इस सिलसिले में जब घटना का खुलासा किया तो मोबाइल कंपनी के चीनी अधिकारियों का बयान लेने के लिए सब इंस्पेक्टर ने चीनी से हिंदी ट्रांसलेटर की मदद ली थी। उसी दौरान से उस ट्रांसलेटर का नंबर भी फोन में सेव कर लिया था। इसीलिए जब चीनी व्यक्ति के इंग्लिश नहीं आने पर बात नहीं समझ पाए तो उन्हें आइडिया आया कि उसी ट्रांसलेटर से मदद ली जाए। उन्होंने तुरंत अपने फोन से ट्रांसलेटर को कॉल किया और चीनी व्यक्ति से बात कराई।

उसके बाद ट्रांसलेटर ने बताया कि ये चीनी व्यक्ति शिंग फू हैं और वीवो कंपनी में कार्यरत हैं। इनका घर ग्रेटर नोएडा के ग्रीन वुड्स सोसायटी में है। फोन भूल जाने की वजह से वह डेढ़ घंटे से जंगल में भटक गए हैं। यह भी बताया कि उसे काफी भूख भी लगी है। इस पर दरोगा पहले पास के रेस्टोरेंट ले गए और बर्गर व आइसक्रीम खिलाई। खाना खाने से शिंग फू ने मना कर दिया था। इसके बाद दरोगा उन्हें लेकर सोसायटी में पहुंचाया। वहां पर शिंग फू के परिवार के लोग पहले से तलाश में सोसायटी के बाहर ही मिल गए।

चीनी नागरिकों ने खुश होकर पुलिस को देने लगे पैसे, दरोगा ने मना किया और बोले.. No need Money.. This is my Duty, फिर चीनी नागरिकों ने किया सैल्यूट

घर पहुंचने के बाद चीनी नागरिकों ने काफी खुशी जताई और  सब इंस्पेक्टर को घर तक पहुंचाने के लिए पैसे भी देने लगे। इस पर सब इंस्पेक्टर ने पैसे नहीं लिए और बोले कि दिस इज माई ड्यूटी। यह सुनकर चीनी और खुश हो गए और फिर अंग्रेजी बोलने वाले उनके साथी ने कहा कि जिस वीवो कंपनी में वे काम करते हैं उसी के बाहर पिछले दिनों बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इससे पुलिस की छवि खराब हो गई थी। मगर पुलिस के इस कदम से आज भारतीय पुलिस के प्रति नजरिया भी बदल गया। आखिर में बोले ग्रेट इंडियन पुलिस (Great Indian Police)

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