UBER को Safety से नहीं पैसों से मतलब, अब CEO-GM पर होगी FIR!

क्राइम को लेकर उबर कंपनी कई बार चर्चा में रही है। हाल में ही ट उबर के अनरजिस्टर्ड ड्राइवर ने दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा से नोएडा जा रही सॉफ्टवेयर इंजीनियर को बंधक बनाकर उससे दुष्कर्म किया था। यही नहीं, बेखौफ इस बदमाश ने युवती के पर्स से एक हजार रुपए भी लूट लिए थे। उबर के लिए यह घटना कोई पहली बार नहीं है। इससे पहले दिल्ली में उबर के ड्राइवर दुष्कर्म और छेड़छाड़ की कई घटनाओं में पकड़े जा चुके हैं। जिसके बाद उबर ने अपने सिस्टम में सुधार लाने के लिए दावा किया था। मगर कंपनी के दावे की पोल एक बार फिर से खुल गई है। दरअसल, उबर में धड़ल्ले से ऐसे ड्राइवर कैब चला रहे हैं जो रजिस्टर्ड नहीं है। यानी जिन ड्राइवर की फोटो के साथ उबर से अटैच कैब की डिटेल है उसके बजाय कोई दूसरा ड्राइवर ही कैब चला रहा है। ऐसे में क्राइम होने पर उस ड्राइवर की न कोई पहचान रहती है और न उसके बारे में पूरी डिटेल। इस तरह की रोजाना उबर को ऑनलाइन शिकायतें की जा रही हैं मगर कंपनी इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। आपको बता दें कि दिल्ली में उबर कैब के रजिस्टर्ड ड्राइवर की जगह आए दिन बदले हुए ड्राइवर आने की शिकायतें हो रही हैं। काफी संख्या में लोग उबर को ट्वीट कर रहे हैं और ईमेल भी कर रहे हैं लेकिन उबर इनके जवाब नहीं दे रहा है। इस तरह की लापरवाही को देखते हुए नोएडा के एसएसपी वै‌भव कृष्ण अब बड़ा कदम उठाने वाले हैं। खास बातचीत में एसएसपी ने बताया कि उबर की लापरवाही से ही ऐसी घटना हुई है और ग्रेटर नोएडा में ही कैब में लिफ्ट देकर काफी संख्या में लूटपाट कर चुका बदमाश भी उबर कैब ही चलाता था। इस तरह सवाल उठता है कि उबर कंपनी ने ऐसे क्रिमिनल पर अंकुश लगाने के लिए कोई मॉनिटरिंग सिस्टम अभी तक क्यों नहीं बनाया? इससे साफ होता है कि उन्हें सेफ्टी से कोई ज्यादा मतलब नहीं है। इसलिए अब जल्द ही लीगल राय लेकर उबर के सीईओ और इंडिया के जीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी क्योंकि सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है।

नेहा जोशी समेत कई युवतियों ने Uber के खिलाफ छेड़ी है मुहिम, बुकिंग के दौरान ड्राइवर का नाम इमरोम आया, पूछने पर अमित बताया और डीएल देखा तो निकला मोहम्मद इरशाद

Neha joshi (pic courtesy :Twitter) 

नेहा जोशी यूथ लीडर हैं। इन्होंने 12 फरवरी की रात में करीब 11:20 बजे दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से उबर कैब बुक की थी। इनके पास वाइट डिजायर पहुंची। उबर ऐप पर ड्राइवर का नाम लिखा था इमरोम (Imrom)। ड्राइवर की फोटो देखने से वह अंकल की उम्र का लग रहा था लेकिन कैब में जिस ड्राइवर को देखा वो काफी यंग था। फोटो नहीं मिलने पर नेहा जोशी ने तुरंत उसका नाम पूछा। उसने बताया अमित। नाम नहीं मिलने पर नेहा ने पूछा कि इस कैब को कौन चलाता है। इस पर उसने बताया कि मेरे अंकल। इसके बाद नेहा ने पूछा कि तुम्हारे अंकल का क्या नाम है। इस पर उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद फिर पूछा तो कुछ अजीब सा नाम बताया लेकिन वो इमरोम नाम नहीं बता पाया। इस तरह साफ हो गया कि उबर मोबाइल ऐप पर जो ड्राइवर रजिस्टर्ड है असल में वो है नहीं। नेहा जोशी ने उससे कहा कि अपना ड्राइविंग लाइसेंस दिखाओ। थोड़ा परेशान होते हुए उसने अपना डीएल दिखाया। ड्राइविंग लाइसेंस पर मोहम्मद इरशाद नाम देखकर दंग रह गई। क्योंकि इसने पहले अपना नाम अमित बताया था। ऐसे में नेहा जोशी सवाल उठाती हैं कि आखिर ये मोहम्मद इरशाद कोई क्राइम कर दे तो इसे कैसे तलाशेंगे। क्या उबर को इसके बारे में कोई भी जानकारी है? इसके बाद नेहा जोशी ने तुरंत पूरे मामले को अलग-अलग ट्वीट के माध्यम से उबर को जानकारी दी लेकिन कंपनी ने कोई भी जवाब नहीं दिया।

12 फरवरी को नेहा जोशी द्वारा Uber को किया गया Tweet…

अनरजिस्टर्ड ड्राइवर मोहम्मद इरशाद का डीएल

5 फरवरी की रात ग्रेटर नोएडा में ऐसे हुई थी घटना…

5 फरवरी की रात साढ़े 10 बजे के करीब उबर कैब बुक करके ग्रेटर नोएडा से नोएडा आ रही आईटी इंजीनियर को ड्राइवर ने कुछ देर बाद ही सुनसान स्थान पर लेकर चला गया था। गलत रास्ते पर जाते ही युवती ने गूगल मैप देख ड्राइवर को टोका भी था। इस पर ड्राइवर ने तुरंत मोबाइल फोन ही छीन लिया था। इसके बाद युवती के शोर मचाने पर चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी थी और फिर दुष्कर्म किया था। युवती के चीखने पर बोला था कि कुछ देर के लिए वह उसे अपना बॉयफ्रेंड ही समझ ले। इस घटना के बाद आरोपी ड्राइवर आरव उर्फ नरवीर ने युवती का पर्स लेकर उसमें से एक हजार रुपए भी लूट लिए थे। घटना से सहमी युवती ने कुछ घंटे बाद ही मामले की उबर में शिकायत कर दी थी लेकिन उबर ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। युवती घटना से सहमी हुई थी। उसने नोएडा पुलिस को 9 फरवरी को जानकारी दी थी। इसके बाद बिसरख थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके 14 फरवरी को आरोपी ड्राइवर नरवीर उर्फ आरव व कैब के रजिस्टर्ड ड्राइवर जोगेंद्र दोनों को गिरफ्तार कर लिया था।

UBER की ये है लापरवाही

  •  घटना के बाद ही युवती ने ड्राइवर के खिलाफ उबर सपोर्ट पर शिकायत की थी तो कंपनी ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को क्यों नहीं दी?
  • अगर उबर से रजिस्टर्ड ड्राइवर की जगह दूसरा चला रहा है तो इस बारे में कंपनी को जानकारी क्यों नहीं मिलती है। इसके लिए कोई मॉनिटरिंग सिस्टम क्यों नहीं है?
  •  खासतौर पर रात में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिल्ली में बड़ी घटना के बाद भी उबर ने कोई सिस्टम क्यों नहीं बनाया कि फिर से ऐसी घटना नहीं हो सके।

CRIME HELPLINE : कैब में अकेले चलें तो ये टिप्स जरूर आजमाएं…

  • कैब बुक होते ही ड्राइवर की फोटो और उसे मोबाइल ऐप पर दी हुई रेटिंग को जरूर देखें।
  • सबसे पहले अगर ड्राइवर की रेटिंग खराब मतलब 4 स्टार से कम है तो उसे नजरअंदाज ही करें क्योंकि इससे पहले भी वह लोगों से बदतमीजी कर चुका होता है, इसीलिए उसकी खराब रेटिंग होती है।
  • अगर मोबाइल ऐप में आए ड्राइवर की फोटो व नाम से अलग कोई ड्राइवर आता है तो उसमें सफर नहीं करें और तुरंत कंप्लेंट दर्ज कराएं।
  • कभी भी अकेले कैब में सफर करें तो ड्राइवर के ठीक पीछे वाली सीट पर बैठे ताकी ड्राइवर की हरकतों पर नजर रख सकें।
  • अकेले कैब में बैठने से पहले ड्राइवर व कैब की फोटो खींचकर अपने परिवार या करीबी दोस्त को जरूर भेज दें। साथ ही लोकेशन भी भेज दें ताकि वह ऑनलाइन ट्रेस कर सके।
  • ड्राइवर की गतिविधि जैसे ही संदिग्ध लगे तभी तुरंत दोस्तों या फैमिली को बताएं या पुलिस को कॉल कर दें।
  • इसके अलावा मोबाइल में हमेशा पैनिक अलर्ट मैसेज रखें जिससे ऐसी स्थिति में एक बटन प्रेस करते ही आपकी लोकेशन के साथ इमरजेंसी अलर्ट कई लोगों को मिल जाएगी।

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