Surgical Strike :पीएम से इस अधिकारी ने कहा था कि पाक में घुसकर मारेंगे आतंकी

InSide Story Of Surgical Strike-2 

पाकिस्तान में आतंकी बेस कैंप पर भारतीय वायु सेना की तरफ से कार्रवाई काफी साहस और प्लानिंग के साथ की गई। यह पूरा प्लान 7 दिनों में तैयार किया गया। ऐसा पहली बार हुआ है जब देश की तीनों सेनाओं के अलावा खुफिया एजेंसियों से भी मदद ली गई। इससे पहले तक हमेशा थल सेना ही इस तरह से बदला लेती थी। इस पर कारगिल युद्ध हो या अन्य स्ट्राइक, हमेशा वायु सेना को मौका नहीं मिला था। इस पर वायु सेना हमेशा से कहती रही कि हमें मौका मिले तो हम पाकिस्तान की सरजमीं में घुसकर उन्हें सबक सिखा देंगे। पिछले दिनों पीएम की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक हुई थी उसमें तीनों सेनाओं के अध्यक्ष और रक्षा मंत्री, सुरक्षा सलाहकार, गृह मंत्री समेत कुछ खास लोग थे। इस बैठक में पीएम ने साफ कहा कि सेना आप हैं और कार्रवाई कैसे करनी है, ये आप तय करेंगे। आपको सरकार की तरफ से खुली छूट है। इस पर एयर चीफ मार्शल बिरेंद्र सिंह धनोआ सबसे आगे आए और बोले कि वायु सेना पूरी प्लानिंग के साथ पाकिस्तानी अधिकृत सीमा में घुसकर आतंकी बेस कैंप पर हमला करेगी। वायु सेना ही उस इलाके में आसानी से घुसकर कम से कम समय में बड़े हमले को अंंजाम दे सकती है। एयर चीफ मार्शल ने यह भी कहा कि उनकी सेना को पहले भी भारत पर हुए हमले के बाद जवाब देने के लिए मौका नहीं मिल पाया था। ऐसे में एक मौका जरूर चाहिए। इस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने तुरंत हामी भर दी थी। जिसके बाद सभी सेनाओं और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने मिलकर प्लान बनाया और यूपी के आगरा और बरेली के एयरफोर्स जोन से एयर सर्विलांस से इस ऑपरेशन को अंजाम देने की रणनीति बनाई गई। आखिरकार मंगलवार तड़के महज 21 मिनट में ही 48 साल से शांत बैठी हमारी वायु सेना ने वो कर दिखाया जिससे हर भारतीय का सीना 56 इंच का हो गया। मंगलवार तड़के करीब साढ़े 3 बजे भारतीय वायु सेना के मिराज ल़ड़ाकू विमान ने एयर सर्विलांस की मदद से ताबड़तोड़ बम गिराए। जिसमें 300 आतंकियों के मारे जानेे की खबर है।

पाकिस्तान ने खुद ही सुबह वीडियो व फोटो ट्वीट कर हमले को किया स्वीकार

air Force

पाकिस्तान के मेजर जनलर आसिफ गफूर ने अपने ऑफिसियल ट्वीटर हैंडल से सुबह ही ट्वीट करके इस हमले को स्वीकार किया। यह भी बताया है कि भारतीय वायु सेना ने हमला कर दिया है। इस संबंध में कुछ फोटो को भी ट्वीट किया था। इससे भारतीय वायु सेना के पराक्रम की पुष्टि भी हो गई। पाकिस्तान के ट्वीट में यह भी कहा गया है कि कोई घायल नहीं हुआ है। इससे साफ हो जाता है कि भारतीय वायु सेना ने पूरी प्लानिंग के साथ सिर्फ और सिर्फ आतंकी बेस कैंप को ही निशाना बनाया। इसी वजह से किसी आम नागरिक को कोई नुकसान नहीं हुआ है। वहीं, जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी बेस कैंप नेस्तानाबूत हो गए।

आखिर कौन है असली 56 इंच वाले हमारे वायु सेना प्रमुख :: कारगिल युद्ध में सही से बदला नहीं लेने पर 60 की उम्र में भी कुछ दिन पहले उड़ाया था मिराज विमान

एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ (बाएं से तीसरे) पाक में वायु सेना
पाकिस्तान की वायु सीमा में घुसकर उन्हें सबक सिखाने का दम हमारी वायु सेना में ही है। 1971 में ही थोड़ा वायु सेना को मौका मिल पाया था। मगर खुलकर कभी भी मौका नहीं मिल पाया था। कारगिल युद्ध के दौरान भी वायु सेना को पाक अधिकृत सीमा में घुसकर आतंकियों को मारने का मौका नहीं मिला था। यही वजह है कि आजतक आतंकी सिर पर चढ़कर हमला करने लगे थे। मगर राजनीतिक तौर पर पहली बार जब खुली छूट मिली तब इन्होंने दिखा दिया कि वायु सेना में कितना दम है।
आपको बता दें कि एयर चीफ मार्शल बिरेंद्र सिंह धनोआ भारतीय वायु सेना के 25वें वायुसेना अध्यक्ष हैं। 31 दिसंबर 2016 को पद ग्रहण किया था। 1999 में हुए कारगिल युद्ध के दौरान बिरेंद्र सिंह धनोआ लड़ाकू स्क्वॉड्रन के कमांडिंग ऑफिसर थे। इनके नेतृत्व में स्क्वाड्रन ने काफी ऊंचाई वाले एरिया में बमबारी किए थे। इनके स्क्वाड्रन को मुख्यालय डब्ल्यूएसी के बेस्ट लड़ाकू स्क्वाड्रन के रूप में चुना गया था। इसके बाद जब से ये वायु सेना अध्यक्ष बने हैं तब से ये खुद ही लड़ाकू विमान उड़ा रहे थे। कई बार प्रैक्टिस भी की थी। हाल में वह मिराज उड़ाने को लेकर चर्चा में आए थे कि इस उम्र में भी वह पीछे हटने वाले नहीं है।

क्या कहा भारतीय विदेश सचिव : सिर्फ आतंकियों के कैंप पर किया गया हमला

14 फरवरी को आतंकी हमले जैश-ए-मोहम्मद ने ही निशाना बनाया था। इसे मसूद अजहर ने नेतृत्व किया था। इस पर यूएन से भी पाबंदी है। इन आतंकियों की लोकेशन व ट्रेनिंग कैंप पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चलने की पुख्ता जानकारी मिली थी। इस संबंध में भारत ने कई बार यह कहा था कि वहां से आतंकी बेस को खत्म किया जाए। मगर पाकिस्तान ने कोई कदम नहीं उठाया। इसके बाद यह जरूरी हो गया था कि उन पर कार्रवाई की जाए। इसलिए सर्विलांस की मदद से उनकी लोकेशन को ट्रेस किया गया। इसमें पीओके के बालाकोट में इनकी लोकेशन फाइनली मिल गई। इसके बाद केवल आतंकी बेस कैंप में ही हमला किए गए थे। इसमें जैश के कई कमांडर व अन्य मारे गए। जनवरी 2004 में ही पाकिस्तान ने दावा किया था कि उनकी किसी जमीन पर आतंकी बेस कैंप नहीं है जो गलत साबित हुआ।

– वीके गोखले, विदेश सचिव

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