Indian Credit Card पर Pak हैैकरोंं की नजर, इस शख्स के कार्ड से पाकिस्तान में हुई शॉपिंग

आपके क्रेडिट कार्ड पर अब पाकिस्तानी हैकरों की भी नजर है। यह जानकर हो सकता है कि आप थोड़ा हैरान हो जाएं। मगर यह सच है। जी हां, इंंडिया के हजारों की संख्या में क्रेडिट कार्ड की डिटेल चोरी कर उसे पाकिस्तान में बेचा जा रहा है। इसके जरिए वहां मौजूद लोग इंटरनेशनल ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हैं। खासतौर पर आईट्यून्स (I-tunes) कार्ड के जरिए म्यूजिक या मूवी को खरीदा जा रहा है। इसके अलावा अन्य तरीके की शॉपिंग की जा रही है। हाल में ही नोएडा के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर इसका शिकार बने हैं। इनके इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड की डिटेल लेकर पाकिस्तान में शॉपिंग कर ली गई। अब इन्होंने पुलिस में शिकायत की है। इनका कहना है कि क्रेडिट कार्ड से पहले 36 हजार रुपये को डॉलर में बदला गया और फिर उसे पाकिस्तान रुपये (पीकेआर) में बदलकर शॉपिंग की गई। इस ट्रांजैक्शन के बारे में इंजीनियर के मोबाइल पर मैसेज आया तब जानकारी मिली।


ओटीपी भी नहीं पूछा, सिर्फ पाकिस्तान करंसी में बदलकर ट्रांजैक्शन का मैसेज आया

pak currency

इस तरह का शायद यह पहला मामला सामने आया है। जालसाजी के शिकार हुए प्रदीप यादव सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। इनके पास इंटरनैशनल क्रेडिट कार्ड है। 11 फरवरी की शाम करीब 4:25 से 4:30 बजे के बीच उनके मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग होने के 6 मैसेज आए थे। मैैसेज डिटेल देखने पर पता चला कि पाकिस्तान में ऑनलाइन आईट्यून्स ऐप से म्यूजिक और मूवी की शॉपिंग की गई है। इसके लिए उनके क्रेडिट कार्ड से 36 हजार रुपए को पहले डॉलर में बदला गया और फिर डॉलर को पाकिस्तानी करंसी (PKR-Pakistan Rupees) में बदल कर ऑनलाइन पेमेंट की गई। इस ऑनलाइन शॉपिंग के लिए किसी ओटीपी की भी जरूरत नहीं पड़ी। प्रदीप यादव बताते हैं कि जालसाजों ने इंडियन करंसी को पहले डॉलर में कन्वर्ट किया था। इसके बाद पाकिस्तान में शॉपिंग करने के लिए डॉलर को पाकिस्तानी करंसी में बदल लिया। इस तरह करंसी को बदलने को लेकर भी उनके बैंक अकाउंट से 150 रुपये का एक्सट्रा चार्ज काट लिया गया। हालांकि, जैसे ही यह मैसेज आया तुरंत मैंने कार्ड ब्लॉक करा दिया।

इसलिए India पर है pak हैकर्स की नजर : भारतीय करंसी की कीमत ज्यादा, इंडिया का 36 हजार पाक में 71 हजार

FIR copy of credit card fraud 

भारतीय क्रेडिट कार्ड का डेटा खरीदने या चुराने पर पाकिस्तान को बहुत फायदे हैं। सबसे बड़ा फायदा यही है कि उनकी करंसी की कीमत भारतीय रुपये के मुकाबले कम है। ऐसे में भारतीय रुपये मिलने पर उससे वह अपने देश में ज्यादा पैसे बना सकते हैं। अभी इसी मामले को देख लीजिए, जालसाज ने इंजीनियर के क्रेडिट कार्ड से 36 हजार रुपये का ट्रांसफर किया और पाकिस्तान में उसके लिए यह 71 हजार रुपए के बराबर कीमत मिल गई। इसी तरह अगर पाकिस्तानी हैकर्स को ऐसे कार्ड की डिटेल मिलती रही तो उन्हें भारतीयों को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

आपकी जरा सी लापरवाही से क्रेडिट-डेबिट कार्ड का डेटा हो जाता है चोरी

पहला तरीका : स्किमर डिवाइस से क्लोनिंग

कहीं भी शॉपिंग करने जाते हैं या खासतौर पर फूड प्वाइंट पर, इन स्थानों पर कार्ड की डिटेल चोरी होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। दरअसल, यहां सभी लोग जल्दबाजी या काफी रिलेक्स मूड में होते हैं। ऐसे में पेमेंट के लिए कार्ड देने के बाद उसके बजाय कहीं और ध्यान रहता है। इसी का फायदा उठाकर आपके कार्ड को स्किमर डिवाइस पर स्वाइप कर डिटेल चुरा ली जाती है। इसलिए इन स्थानों पर कार्ड देते समय सबकुछ अपनी आंखों के सामने कराएं।

दूसरा तरीका : सीसीटीवी कैमरे में कार्ड की डिटेल रिकॉर्ड कराना

कार्ड क्लोनिंग कराने के लिए दूसरा तरीका यह है कि किसी भी कार्ड का नंबर, सीवीवी और एक्सपायरी डेट की डिटेल मिल जाए। अगर ये सभी डिटेल मिल जाती है तो भी नया कार्ड बनाया जा सकता है। आजकल आप देखते होंगे कि एटीएम जैसे कार्ड ही आपको कई शॉपिंग शोरूम में दिए जाते हैं। ऐसे कार्ड भी पूरी तरह से एटीएम जैसे ही होते हैं। इससे साफ होता है कि ऐसे कार्ड बनाना आसान है। इस तरह आपके कार्ड का क्लोन भी बनाया जा सकता है। दूसरा, अगर शॉप में लगे सीसीटीवी में कार्ड को दोनों तरफ से रिकॉर्ड कर लिया गया तो इंटरनेशनल शॉपिंग बस इतनी डिटेल से ही की जा सकती है।

इंटरनेशनल ऑनलाइन शॉपिंग के लिए OTP की नहीं होती है जरूरत, इसीलिए हो जाती है आसानी से ठगी

इंटरनेशनल शॉपिंग के लिए ओटीपी की जरूरत नहीं होती है। क्रेडिट कार्ड से इंटरनेशनल शॉपिंग के लिए क्रेडिट कार्ड का नंबर, सीवीवी नंबर और एक्सपायरी डेट की ही जरूरत होती है। पिन नंबर की जरूरत नहीं होती है। यहां आपको यह भी बता दें कि आप जब कभी क्रेडिट कार्ड लेते हैं तो उसमें ऑटोमेटिक इंटरनेशनल शॉपिंग का ऑप्शन खुला रहता है। यह डिटेल आसानी से कार्ड को देखकर ही लोगों को मिल जाते हैं। जिसके बाद यह शॉपिंग कर ली जाती है।

CRIME HELPLINE : जालसाजी से बचने के लिए क्या करें

ब्लॉक कराएं इंटरनैशनल शॉपिंग ऑप्शन-सभी क्रेडिट कार्ड को लेने पर उसमें ऑटोमेटिक इंटरनैशनल शॉपिंग करने का ऑप्शन ओपन रहता है। इसलिए अगर आपको इसकी जरूरत नहीं हो तो तुरंत इंटरनैशनल शॉपिंग ऑप्शन को बंद करा दें।

वर्चुअल क्रेडिट कार्ड से करें इटरनैशनल शॉपिंग


अगर आपको कभी इंटरनैशनल शॉपिंग करने की जरूरत भी हो तो आप वर्चुअल क्रेडिट कार्ड का प्रयोग करें। इसका फायदा यह होता है कि जैसे ही आप वर्चुअल कार्ड से शॉपिंग पूरी करेंगे वह ऑटोमेटिक खत्म हो जाएगी।

ऑनलाइन ठगी हुए पैसे मिल जाएंगे, मगर 3 दिन व 7 दिन के भीतर शिकायत करनी है जरूरी..कैसे? आइए समझें…
– अगर कभी किसी वजह से क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग हो भी जाए तो तुरंत संबंधित बैंक में शिकायत करें। दरअसल, इंटरनैशनल शॉपिंग होने पर 7 दिन और अपने देश में शॉपिंग करने पर 3 दिन बाद ही फंड ट्रांसफर होता है। ऐसे में तुरंत शिकायत करने पर फंड ट्रांसफर ब्लॉक हो जाएगा। इस तरह आपके क्रेडिट कार्ड से हुई पेमेंट रुक जाएगी और उसे जमा नहीं करना पड़ेगा।

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