Ghaziabad का दरिंदा बाप : तीन मासूमों व पत्नी की हत्या कर ऐसा बोला… बच्चे को मारना आसान है, आत्महत्या करना मुश्किल

Special Report : Ghaziabad family killed by father sumit kumar

आपनेे शायद ही एक बाप की ऐसी कभी दरिंदगी की खबर सुनी होगी। इसलिए अगर आप कमजोर दिल वाले हैं तो इस खबर को न पढ़ें। यह एक ऐसा पिता है जिसने अपने तीन छोटे बच्चों की पहले निर्ममता से हत्या की और फिर इन बच्चों की मां यानी अपनी पत्नी को भी मार डाला। बेरहमी से एक साथ चार हत्याएं करने के बाद खुद पोटेशियम साइनाइड खाकर आसान मौत चाहता था। मगर कहते हैं न कि पाप जितना बड़ा होता है सजा उससे भी बड़ी होनी चाहिए।

शायद यही मंजूर था और पोटेशियम साइनाइड की जगह मेडिकल दुकानदार ने उसे एंटी बॉयटिक दवा दे दी थी। जिसे खाने के बाद भी आरोपी पिता को कुछ नहीं हुआ तो वह गुमनाम जिंदगी जीने के लिए भागने लगा। मगर उसे दबोच ही लिया गया। अब वह पुलिस की गिरफ्त में है। पुलिस ने जब उसे मीडिया के सामने पेश किया तो उसने अपना गुनाह कबूल करते हुए बोला कि ‘‘दूसरे को मारना आसान है, फिर चाहे वह आपका बच्चा ही क्यों न हो। मगर खुद मरना मुश्किल है। यह मुझे तभी एहसास हुआ। अब मैं चाहता हूं कि इस कत्ल का मुझे बड़ी से बड़ी से सजा मिले”

गाजियाबाद (ghaziabad) में 20 अप्रैल की रात में दिया था वारदात को अंजाम

यह घटना 20 अप्रैल की रात गाजियाबाद में हुई थी। 4 कत्ल करने वाला दरिंदा बाप सुमित कुमार है। वह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। मूलरूप से झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम का रहने वाला है। इसकी 2011 में बिहार की रहने वाली अंशुबाला से शादी हुई थी। इसके परिवार में अभी बड़ा बेटा प्रथमेश(7) और जुड़वा बच्चे बेटा आरव(4) व बेटी आकृति (4) थी। पूरा परिवार गाजियाबाद के ज्ञानखंड-4 में रहता था। सुमित ने 20 अप्रैल की रात में कोल्ड ड्रिंक में नींद को गोलियां मिलाकर बच्चों और पत्नी को पिला दी थी। इसके बाद तकिए से मुंह दबाकर चाकू से गला रेंतकर हत्या कर दी थी।

नौकरी छूट गई थी, 3 महीने से था बेरोजगार, नशे की लत ऐसी थी जिसे नहीं छोड़ सकता था, इसलिए परिवार को मार डाला

आरोपी सुमित कुमार सॉफ्टवेयर कंपनी में एप्लीकेशन मैनेजर हुआ करता था। कुछ महीने पहले कंपनी में सिस्टम अपग्रेड होने के बाद वह काम नहीं कर पा रहा था। इसलिए 28 जनवरी 2019 को उसे इस्तीफा देना पड़ गया था। इसके बाद से उसे नौकरी नहीं मिल रही थी। वहीं, पत्नी को ट्यूशन पढ़ाने से पैसे मिलते थे उसे भी लेकर सुमित अपने नशे की लत पूरी करने में खर्च कर देता था। इस तरह तीन महीने से फ्लैट का किराया भी नहीं दे पाया था। बड़े बेटे प्रथमेश की स्कूल की 29 हजार रुपए फीस भी उसने अपने दोस्त से उधार लेकर दी थी। मगर जुड़वा बच्चों को प्ले स्कूल में दाखिला भी नहीं करा पा रहा था। इसलिए पत्नी से जब लड़ाई हुई तब सुमित ने चोरी करने की बात कही थी। इस पर अंशुबाला ने कह दिया था कि ऐसा करने पर वह पूरे परिवार के साथ जहर खाकर जान दे देगी। इसी के बाद सुमित ने खुद ही परिवार को खत्म करने का प्लान बनाने लगा था ताकि उसकी नशे की लत बरकरार रह सके।

घटना से पहले दिन में मेडिकल स्टोर वाले के अकाउंट से 1 लाख रुपए ठगे, उसी से 15 हजार रुपए में नकली पोटेशियम सायनाइड खरीदी, फिर दूसरी दुकान से चाकू खरीद लाया

घटना वाले दिन 20 अप्रैल की दिन में उसने पास के एक मेडिकल स्टोर वाले से 1 लाख रुपये ठग लिए थे। दरअसल, सुमित कुमार के पास पैसे नहीं थे। इसलिए मेडिकल स्टोर चलाने वाले मुकेश ने किसी काम के लिए अपना स्मार्ट फोन दिया तब उसने ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए एक लाख रुपए अपने खाते में डाल लिए। इसके लिए ओटीपी व ट्रांजैक्शन का जो मैसेज आया उसे डिलीट भी कर दिए। कुछ दूरी पर स्थित एटीएम से 50 हजार रुपये भी निकाल लिए। इसके बाद मुकेश से नींद की कई गोलियां खरीदने के बाद पोटेशियम साइनाइड मांगा।

इस पर दुकानदार ने उससे पैसे ठगने के लिए बोल दिया कि वह इसे काफी छुपाकर बेचता है इसके लिए उसे 25 हजार रुपए खर्च करने होंगे। इस पर बात करते हुए आखिर 15 हजार रुपए में मुकेश देने को तैयार हो गया। सुमित को भी पैसे देने में कोई दिक्कत थी नहीं क्योंकि दुकानदार के ही पैसे निकाले थे। इसीलिए तुरंत उसने 15 हजार रुपए दे दिए और कथित पोटेशियम साइनाइड खरीद लिया। हालांकि, दुकानदारने कोई एंटी बॉयटिक दवा को ही पोटेशियम साइनाइड बताकर उसे बेच दी थी। इसे लेने के बाद उसने दूसरी दुकान से कई चाकू खरीद लिए थे और फिर घर आया था।

खुद पहले भांग खाकर नशे में आया, फिर घरवालों को डिनर कराया और कोल्डड्रिंक में नींद की दवा दे दी

इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने का आरोपी पिता सुमित दिन मेें से ही हत्या का प्लान बनाने लगा था। इसके लिए शाम को घर जाने से पहले ही उसने काफी भांग खा ली थी। इसके बाद रात करीब 10 बजे उसने परिवार के साथ डिनर किया था। इसके बाद कोल्डड्रिंक की बोतल में ही नींद की 4-5 गोलियां मिलाकर सबको पिला दी थी। उसने पत्नी के पास दोनों जुड़वा बच्चों को सुला दिया और फिर बड़े बेटे प्रथमेश को अपने साथ लेकर दूसरे कमरे में सुलाने के लिए लेकर चला गया। सभी के नींद में आने के बाद रात करीब 12 बजे उसने सबसे पहले सो रहे बड़े बेटे प्रथमेश का तकिए से मुंह बंद करके चाकू से गला काट दिया। इसे मारने के बाद पत्नी और दोनों जुड़वा बच्चों के पास आया। यहां उसने दोनों जुड़वां बच्चों का मुंह दबाकर एक-एक चाकू से हत्या कर दी। इसके बाद पत्नी अंशुबाला को चाकू मारा। मगर बेहोशी की हालत में भी अंशु ने विरोध किया। जिसकी वजह से सुमित ने उन पर 9 से 10 बार चाकू से हमला कर मार डाला था।

4 हत्या के बाद कपड़े बदले, 3 बजे ओला कैब बुक की, फिर रेलवे स्टेशन पहुंच गया

रात में 12 बजे के आसपास परिवार की हत्या करने के बाद खून से सने कपड़े को बदला और हाथ-पैर अच्छे से धुल लिए। इसके बाद नए कपड़े पहनकर उसने अपने फोन से ओला कैब बुक की। रात में ही करीब 3 बजे ओला बुक करके पहले दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुंचा। यहां कोई ट्रेन नहीं थी तो नई दिल्ली स्टेशन पहुंचा था। यहां से एजेंट के जरिए राजधानी की टिकट लेकर त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस में महाराष्ट्र के पनवेल तक का टिकट खरीदा था। इसके बाद रास्ते में जाते समय वह ट्रेन की टॉयलेट में गया और फिर एक वीडियो बनाई। इसमें उसने 4 कत्ल करने की बात कबूल की और कहा कि वह भी मरने जा रहा है। इस वीडियो को उसने अपनी पत्नी के भाई को भेजी थी।

ट्रेन में ही खाया था कथित पोटेशियम साइनाइड, नहीं हुई मौत, तो सोचा ट्रेन से कूद जाउं, मगर डर गया था सुमित

भले ही सुमित को अपने मासूम तीन बच्चों और पत्नी की हत्या करते समय हाथ नहीं कांपे मगर जब खुद को मारने की बात आई तो उसके पैर लड़खड़ाने लगे। आसान मौत की सोचकर उसने पोटेशियम साइनाइड तो खा लिया लेकिन वह नकली था। इसलिए कोई फर्क नहीं पड़ा। इसके बाद सोचा कि ट्रेन से कूदकर जान दे दूं मगर हिम्मत जवाब दे गई। इसलिए उसने आत्महत्या नहीं की और कर्नाटक में जाकर नशे में गुमनाम जिंदगी बिताने का सोच लिया था।

ट्रेन से भेजी गई वीडियो से मिला सुराग, पुलिस ने दबोच लिया

जिस राजधानी ट्रेन के वॉशरूम से वीडियो बनाकर सुमित ने अपने साले को भेजी थी उसी से पुलिस को सुराग मिला। दरअसल, वीडियो देखने से समझ आ गया था कि वह किसी ट्रेन में है। इसके बाद उसके मोबाइल की लोकेशन निकाली गई। जिसके आधार पर ट्रेन का पता लगा लिया गया। इसके बाद रेलवे पुलिस और कर्नाटक पुलिस की मदद से आरोपी सुमित को कर्नाटक के उडुपी से गिरफ्तार कर लिया गया।

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