अर्जुन सरजा की फिल्म ‘देख’ 24 साल के MBA छात्र ने शॉपिंग साइटों से डेटा चुरा ठगे 200 करोड़

साउथ की मशहूर फिल्म द रिटर्न ऑफ अभिमन्यु शायद आपने देखी होगी। साइबर क्राइम के प्रति जागरूक होने के लिए ये फिल्म आपको जरूर देखनी चाहिए। इस फिल्म में विलेन बने अर्जुन सरजा को ऑनलाइन हैकिंग दुनिया का बेताज बादशाह दिखाया गया है। फिल्म में दिखाया है कि पूरे देश में कैसे ग्राहकों का डेटा चोरी कर उससे हजारों व लाखों रुपये की जालसाजी की जाती है। इस विलेन की उम्र कम है लेकिन वह चुटकी बजाते ही लाखों या करोड़ों रुपये किसी के अकाउंट से गायब कर देता है। ठीक इसी तर्ज पर यूपी का रहने वाला महज 24 साल का युवक नंदनराव पटेल भी ऑनलाइन हैकिंग डेटा का शहंशाह बन चुका है। महज दो साल के भीतर ही यह 200 करोड़ रुपये की ठगी कर साइबर क्राइम का बादशाह बन रहा था। पढ़िए इस महाठग के ठगी के तरीके और पुलिस को चकमा देने की रियल स्टोरी
Special Crime Report : New Delhi

आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं या बैंक से लोन लेते हैं या फिर इंश्योरेंस कराते हैं या अपनी डिटेल किसी से शेयर करते हैं तो समझ जाइए कि आप साइबर क्रिमिनल के चंगुल में आ चुके हैं। अब आपकी सावधानी ही साइबर क्रिमिनल से बचा सकती है। जरा सी चूक आपसे हजारों या लाखों रुपये की ठगी करा सकती है।

इस तरह की ठगी करने वाले आपकी पर्सनल डिटेल के आधार पर ही फोन या ईमेल कर इनाम या अन्य तरीके का लालच देते हैं। इसी तरह से 24 साल का युवक जो अभी नोएडा की एमिटी यूनिवर्सिटी से एमबीए कर रहा है उसने दो साल में ही खुद की कंपनी भी खड़ी कर दी थी और एक टीम बनाकर देशभर के लोगों से करोड़ों रुपये ठग चुका है।

5 महीने से सिंगापुर, थाईलैंड में जाकर दे रहा चकमा, यूपी एसटीएफ ने दबोचा

देशभर में फर्जी कॉल सेंटरों को आम लोगों का डेटा बेचकर जालसाजी का बड़ा नेटवर्क चलाने वाला गैंगलीडर है 24 साल का नंदनराव पटेल। इस नंदनराव को यूपी एसटीएफ की टीम ने दिल्ली से सटे नोएडा से गिरफ्तार किया है। वह नोएडा की एमिटी यूनिवर्सिटी से अभी पढ़ाई करते हुए ही बल्क मैसेज भेजने से लेकर ऑनलाइन बिजनेस को सपोर्ट करने वाली एनिक वर्ल्ड www.enikworld.com नामक कंपनी बनाकर उसका डायरेक्टर भी बन चुका था। वह पिछले 5 महीने से पुलिस को चकमा दे रहा था। कभी इंडिया के अलग-अलग शहरों में छुप जाता था तो कभी सिंगापुर, थाईलैंड समेत कई अन्य देशों में चला जाता था। दो दिन पहले जब वह नोएडा में अपने नेटर्वक से पैसों की डील करने पहुंचा तो एसटीएफ ने दबोच लिया। इसके लैपटॉप में कई ऑनलाइन कंपनियों के 14 लाख ग्राहकों का डेटा मिला है।

ऑनलाइन शॉपिंग या इंश्योरेंस कराने वालों का प्रति डेटा 4-5 रुपये में बेचता था

यूपी एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि शातिर नंदन राव पटेल नोएडा से ही ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद जून 2017 से नोएडा की एमिटी यूनिवर्सिटी से एमबीए कर रहा था। वह कंप्यूटर हैकिंग का मास्टरमाइंड है। इसने 2016 से ही एनिक वर्ल्ड नाम से ऑनलाइन कंपनी भी शुरू की और उसका डायरेक्टर बन गया था। इस कंपनी के जरिए वह लोगों को बल्क मैसेज भेजने की सुविधा देकर संपर्क करता था और फर्जीवाड़ा करने के लिए ग्राहकों का डेटा भी दिलाता था। इसके लिए वह कई लोगों के साथ मिलकर ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइटों के ग्राहकों का डेटा को हैकिंग के जरिए चुराना व खरीदने का काम भी करने लगा। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर समेत बिहार, राजस्थान समेत कई राज्यों के शहरों के फर्जी कॉल सेंटरों को प्रति डेटा 4-5 रुपये में बेच देता था।

2016 में 21 साल की उम्र में KartMyshop.com  ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी खोल करने लगा था ठगी

नंदन राव इतना शातिर और तेज है कि महज 21 साल की उम्र में ही इसने फर्जीवाड़े में मास्टर डिग्री हासिल कर ली थी। इसने 11 नवंबर 2016 को www.KartMyshop.com नामक ऑनलाइन शॉपिंग साइट शुरू की थी। इसके साथ ही एनिक वर्ल्ड कंपनी भी शुरू करने लगा था। इस वेबसाइट के जरिए शॉपिंग करने पर इसने गारंटी गिफ्ट मिलने का दावा किया था। दिसंबर 2017 में एक ग्राहक ने इसके खिलाफ शिकायत दी थी कि इस वेबसाइट पर 3800 रुपये का माइक्रोवेव खरीदने पर इनाम में सोनी एलसीडी टीवी मिला है। इस टीवी को लेने के लिए जीएसटी के नाम पर पहले 3 हजार रुपए और फिर कोरियर से भिजवाने के नाम पर 9 हजार रुपये ले लिए गए मगर कुछ नहीं मिला। रेशम सिंह नामक व्यक्ति ने कई बार पुलिस से शिकायत की। इसका पता चलने पर जालसाज नंदनराव ने खुद ही फ्लिपकार्ट वेबसाइट से माइक्रोवेव ओवन बुक कराकर रेशम सिंह के पते पर भिजवा दिया था। इसके अलावा हजारों लोगों से ठगी करके वेबसाइट बंद कर दी थी।

देशभर में चल रहे फर्जी कॉल सेंटरों को देने लगा था डेटा, कर रहा था ठगी

एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम ने बताया कि यह शख्स अब लाखों ग्राहकों के डेटा को बेचकर फर्जी कॉल सेंटरों को चलवा रहा था। इस तरह के डेटा से यूपी समेत पठानकोट, बैंगलुरु, चंडीगढ़, रायपुर, बीकानेर और बिहार के लोगों से ठगी की जा रही थी। इस मामले में देश भर से लोग शिकायत कर रहे थे। इसकी जांच के दौरान कई फर्जी कॉल सेंटर पकड़े गए लेकिन इन्हें डेटा देने वाला पकड़ में नहीं आ रहा था। इसकी जांच करने पर मास्टरमाइंड नंदनराव पटेल का नाम सामने आया। उसकी तलाश कर पकड़ा गया तो उसके लैपटॉप से 14 लाख ग्राहकों के डेटा के अलावा दो मोबाइल, लैपटॉप, चार डेबिट कार्ड, 6 चेकबुक भी बरामद हुई।

Crime Helpline : इन बातों का रखें ध्यान

  • इस तरह की ठगी में आपको मैसेज या फोन करके इनाम जीतने या अन्य तरीके का लालच दिया जाता है। ऐसे में उन पर कोई जवाब न दें।
  • आप खुद सोचें कि एक कंपनी अगर आपको महज कुछ हजार की शॉपिंग पर कई गुना ज्यादा कीमत का गिफ्ट कैसे दे सकती है, इसलिए अलर्ट रहें।
  • ये जालसाज आपके आधार नंबर या घर के पते की डिटेल के साथ शॉपिंग की डेट व तारीख भी बता देते हैं इसलिए लोगों को उन पर भरोसा हो जाता है। मगर आप इससे बचें और ध्यान न दें।

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