नकली लाइटर पिस्टल वाली फर्जी IFS को देखिए, एक गलती से खुली पोल

देश में अधिकतर लोगों की आंखों में #UPSC की परीक्षा पास करके अधिकारी बनने का सपना होता है। यही सपना मेरठ के एक नामी डॉक्टर की बेटी जोया खान (#Zoya #Khan) का भी था। इसीलिए उसे दिल्ली के एक कॉलेज से ग्रेजुएशन में दाखिला कराया गया था। यहां से पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएशन करने के दौरान ही वह UPSC की तैयारी करने लगी थी। कई बार यूपीएससी और पीसीएस (#uppsc) की परीक्षा दी मगर सफलता नहीं मिली।

जोया खान दोनों परीक्षाओं में सफलता पाने में हार गई मगर मन में सबसे प्रमुख #IFS (भारतीय विदेश सेवा) बनने की ठान ली। इसके लिए फर्जी तरीके से कई आईडी कार्ड बनवा लिए। इन सबमें पढ़ाई के समय दोस्त बने शख्स हर्ष प्रताप सिंह (#Harsh #pratap) ने भी पूरी मदद की। इसके बाद दोनों ने लव मैरिज भी कर ली थी। यूपी के मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा समेत कई शहरों में खुद को संयुक्त राष्ट्र (#UN) के सुरक्षा परिषद (#securitycouncil) का सिक्योरिटी चीफ या अन्य पद पर बताकर पुलिस अधिकारियों पर रौब झाड़ने लगी। मगर उसकी एक गलती से पोल खोल गई।

 

नकली लाइटर पिस्टल, वॉकी-टॉकी और गाड़ी पर यूएन का लोगो व नीली बत्ती लगाकर पुलिस एस्कॉर्ट के साथ करते थे सफर

पकड़ी गई फर्जी आईएफएस (भारतीय विदेश सेवा) अधिकारी जोया खान और इसका पति हर्षप्रताप है। दोनों को नोएडा पुलिस ने 3 अप्रैल को गिरफ्तार किया। जोया खान के पिता मेरठ के नामी डॉक्टर हैं। वहीं, हर्ष प्रताप बैंक में पीओ रह चुका है। 2013 में दोनों ने लव मैरिज की थी। इसके बाद भी परीक्षा की तैयारी करते रहे लेकिन सफल नहीं हुए। परीक्षा में सफल नहीं होने पर भी दोनों सरकारी अधिकारियों वाला रुतबा बनाए रखने के लिए फर्जी आईएफएस अधिकारी बनकर आईडी कार्ड,  नकली लाइटर पिस्टल और वॉकी-टॉकी भी ले लिए। इसके बाद मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और गुड़गांव में समय-समय पर जाकर वहां पुलिस से सुरक्षा लेकर नीली बत्ती और यूएन के लोगो लगी लग्जरी कार में सफर करते थे।

 

 

इस गलती से खुली पोल : un.org की जगह ईमेल आईडी में unitednationssecuritycouncil.org किया था, 600 रुपये में अपने अकाउंट से खरीदा था डोमेन 

नोएडा के SSP वैभव कृष्ण ने बताया कि जोया खान ने पुलिस एस्कॉर्ट्स के लिए securitychief@unitednationssecuritycouncil.org नाम वाले ईमेल से मैसेज भेजा था। इसके बाद 30 मार्च को जोया खान खुद मेरे ऑफिस में मिलने आ गई। उसके हावभाव और सुरक्षा में लगे कुछ लोगों को देखकर पहले शक हुआ। इसलिए पुलिस सुरक्षा लेने के लिए भेजे ईमेल की जांच करनी शुरू की। साइबर एक्सपर्ट टीम की जांच में पता चला कि यूएन की असली वेबसाइट सिर्फ www.un.org है।

इसी तरह वहां से जुड़ी ईमेल आईडी @un.org के नाम या इससे मिलते-जुलते नाम से है। मगर जोया खान की ईमेल आईडी यूएन के फुल फॉर्म को प्रयोग किया गया था। डोमेन भी इंडिया में ही गोडैडी से खरीदा गया था। इसके लिए जोया ने अपने बैंक अकाउंट से अॉनलाइन पेमेंट की थी। यह डिटेल मिलते ही जोया और उसके पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उनकी पूरी हकीकत सामने आ गई।

जोया खुद को 2007 बैच का बताती थी IFS, पुलिस अधिकारियों को फटकार भी देती थी

महिला जोया खान पिछले ढाई साल से कई शहरों में जाकर खुद को 2007 बैच का आईएफएस अधिकारी बताती थी। वह बताती थी कि यूनाइटेड नेशंस की सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान से लेकर कई देशों में तैनात रह चुकी है। वह यह भी बताती थी कि विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव भी रह चुकी है। यूएन में तैनात रहने की पुष्टि करने के लिए उसने अपनी गाड़ी पर संयुक्त राष्ट्र का लोगो भी बनवा रखा था। जिसकी वजह से कोई भी देखकर आसानी से उसे संयुक्त राष्ट्र का अधिकारी समझ लेता था। यही नहीं, जोया अपनी रिश्तेदारी और मेरठ में रहने वाले पिता के आसपास के लोगों को भी अपने रसूख के बारे में बताती थी और उनके कहने पर बच्चों के एडमिशन भी करा देती थी। एडमिशन कराने के लिए उस शहर के डीएम या एसएसपी को फोन कर अपना परिचय देती थी।

वॉयस कनवर्टर ऐप की मदद से खुद ही पीए बनकर पहले अधिकारियों से करती थी बात

जोया खान बहुत ही शातिर है। किसी अधिकारी को फोन करने से पहले खुद ही वॉयस कनवर्टर सॉफ्टवेयर की मदद से आवाज रिकॉर्ड कर लेती थी। इसके बाद सॉफ्टवेयर से आवाज को पुरुष की आवाज में बदलकर किसी अधिकारी को फोन कर देती थी। उस दौरान खुद को यूएन की अधिकारी जोया खान का पीए अनिल शर्मा बता देती थी। इसके बाद कहीं आने-जाने के लिए पुलिस से एस्कॉर्ट्स ले लेती थी।

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