केंद्रीय मंत्री Dr. Mahesh Sharma का स्टिंग करने आई महिला ऐसे फंसी जाल में

Special Crime Noida news : Dr,Mahesh Sharma

केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा (Union minister Dr. Mahesh Sharma) को ब्लैकमेल करने के लिए आई एक महिला पत्रकार खुद अपने ही जाल में फंस गई। यह महिला ने डॉ. महेश शर्मा को ब्लैकमेल करते हुए 22 अप्रैल की शाम तक हर हाल में 50 लाख रुपए देने के लिए दबाव बना रही थी। इसके दो दिन बाद 2 करोड़ रुपए देने के लिए ब्लैकमेल भी कर रही थी।

दरअसल, हाल में हुए चुनाव से पहले इस महिला ने अपने सीनियर व प्रतिनिधि टीवी चैनल के एडिटर इन चीफ आलोक कुमार के साथ एक वीडियो बना ली थी। इसी 20 मिनट के वीडियो को दिखाकर महिला पत्रकार की तरफ से डॉ महेश शर्मा को ब्लैकमेल किया जा रहा था। हालांकि, इस वीडियो में ऐसा कुछ भी आपत्तिजनक नहीं था जिसके जरिए ब्लैकमेलिंग हो सके। इसके बाद भी महज 22 साल की युवा महिला पत्रकार 22 अप्रैल की दोपहर करीब 1 बजे डॉ. महेश शर्मा से मिलने के लिए पहुंच जाती है।

मंत्री से मिलते ही पकड़ा देती है ब्लैकमेलिंग के लिए लिखा हुआ लेटर, मांगती है तुरंत 50 लाख कैश

केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा (Mahesh Sharma) को ब्लैकमेल करने के प्रयास के मामले में लोकल न्यूज चैनल प्रतिनिधि टीवी के एडिटर इन चीफ आलोक कुमार समेत महिला पत्रकार नीशू और अन्य 4 लोगों की भूमिका रही है। यह गैंग ब्लैकमेलिंग कर दो दिनों में 2 करोड़ रुपए लेना चाहता था और अगले एक महीने में नई कंपनी में शेयर लगाने के नाम पर कुल 8-10 करोड़ रुपए की मांग भी कर रहा था। इस मामले में जिस वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल किया जा रहा था उसे महिला पत्रकार नीशू अपने टैब में लेकर डॉ. महेश शर्मा से मिलने पहुंची थी। इस वीडियो को लेकर पुलिस ने जांच की।

एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि 20 मिनट के वीडियो को 24 या 25 मार्च को बनाए जाने की संभावना है। इसमें चुनाव प्रचार के लिए गाड़ियों की व्यवस्था करने और वोट के लिए अपील करने संबंधित बात थी। जिसे लेकर एक बार केंद्रीय मंत्री ने कोडवर्ड में बात करने का जिक्र किया है। ऐसे में आशंका है कि इसी कोडवर्ड की बात को लेकर आरोपी ब्लैकमेल करने की फिराक में थे। जिसकी पूरी तरह से जांच कराई जा रही है।

निठारी कांड (Nithari Kand) पीड़ितों की मदद करने वाली जानीमानी समाजसेविका और पूर्व डीएसपी पर भी शक

इसके अलावा इस मामले में महिला समाजसेवी के साथ नोएडा में तैनात रहे पूर्व डीएसपी भी शक के घेरे में हैं। दरअसल, मार्च में जब लोकल चैनल के पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कराने के लिए पूर्व डीएसपी और समाजसेविका ने भी मदद की थी। समाजसेविका काफी चर्चा में रहती हैं और अक्सर न्यूज चैनल पर डिबेट में आती रहती हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इसी दौरान उनकी पहचान पत्रकार आलोक कुमार से हो गई थी। जिसके बाद यह साजिश रची गई। इसके साथ केंद्रीय मंत्री के करीबी रह चुके एक पूर्व डीएसपी पर भी इसमें शामिल होने का अंदेशा है। वह सेक्टर-36 में ही रहता है।

स्पाई कैमरा लगा आई थी महिला पत्रकार, अपनी फुटेज देख ही शर्म से हो गई पानी-पानी

इस प्रकरण में महिला पत्रकार को भी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। डॉ. महेश शर्मा को जब ब्लैकमेल करने आ रही थी तब वह पहले से ही अपने कपड़ों में हिडन कैमरे को छुपा रखी थी। इस कैमरे को बाहर ही ऑन करके अपने कपड़ों में छुपाई थी। ऐसे में महिला पुलिस की टीम ने जब आरोपी पत्रकार नीशू की पूरी तरह से जांच की तब उसके पास से हिडन कैमरा मिल गया। उसकी रिकॉर्डिंग की जांच की गई तब पता चला कि उसे कपड़ों में लगाने से पहले ही एक्टिवेट कर दिया था। ऐसे में महिला पत्रकार के शरीर की फुटेज उस वीडियो में आ गई थी। मामले की जांच कर रही पुलिस ने उस फुटेज को देखा तो पता चला कि शुरुआती वीडियो में महिला पत्रकार के ही आंतरिक शरीर की फुटेज है। जिसे देखते ही महिला पत्रकार पहले तो खुद ही शर्म से पानी-पानी हो गई। इसके बाद पुलिस ने उस हिस्से को डिलीट भी करा दिया था।

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