जन्मदिन मनाने से 8 दिन पहले ही अपहरण, मां 3 दिन से नहीं खा रही, जिद है कि कोई बेटे को दिखा दे

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Crime Helpline :
छत्तीसगढ़ के शहर बिलासपुर (‌Bilaspur) से 7 साल के बच्चे विराट सराफ (Virat Saraf) को 20 अप्रैल की रात में अगवा कर लिया गया था। विराट का जन्म 28 अप्रैल 2012 को हुआ था। 28 अप्रैल को बच्चे के 7वें जन्मदिन मनाने की तैयारी भी चल रही थी। मगर इससे 8 दिन पहले ही बदमाशों ने अपहरण कर लिया। विराट उस समय अपने दोस्तों के साथ रोजाना की तरह करीब 8 बजे से घर के बाहर खेल रहा था। उसी समय बिना नंबर की कार से आए बदमाशों ने बच्चेे का पहले नाम पूछा। इसके बाद उसके बड़े भाई का नाम भी पूछा और जब अच्छे से कन्फर्म कर लिया तभी उसे कार में अगवा कर लिया।

यह सबकुछ महज 2 मिनट के भीतर ही हो गया और बच्चे को कार में डालकर ले भागे। विराट के साथ खेलने वाले बच्चों ने शोर मचाते हुए परिजनों को बताया। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मगर 60 घंटे बीतने के बाद भी उस मासूम का कोई सुराग नहीं मिला है।

अगर आप बिलासपुर या आसपास के हैं तो अपने नजदीकी घरों या सुनसान जगह पर बनें घरों में नजर रखें, सूचना दें

अगर आप बिलासपुर के आसपास में ही रहते हैं और कोई भी व्यक्ति संदिग्ध लगे या किसी बच्चे को ले जाते हुए दिखे तो जरूर अलर्ट रहें। आपकी जरा सी सावधानी विराट की मां विभा की आंखों के आंसू को कम कर सकती है जिसने तीन दिनों से कुछ नहीं खाया है। कई बार बेहोश हो चुकी है। परिवार के लोग पानी छिड़ककर होश में ला रहे हैं। वह मां होश में आते ही बस एक ही नाम लेती है विराट। कोई उसे मेरे सामने ला दे। उसे भगवान से कुछ और नहीं चाहिए। अगर आपको इस बच्चे के बारे में कुछ भी पता चलता है तो 8770466174 या 7000081563 पर सूचना दें।

वीआईपी इलाका, सामने भाजपा कार्यालय, फिर भी बदमाश आते हैं, इत्मीनान से बात करके अगवा कर लेते हैं

बिलासपुर के वीआईपी इलाकों में से एक करबला रोड में भाजपा कार्यालय है। इसके ठीक सामने राजू होजियरी गली है। इतना वीआईपी इलाका होने के बाद भी बदमाश आसानी से यहां आते हैं और इत्मीनान से तसल्ली करके घटना को अंजाम दे देते हैं। होजियरी गली में बर्तन कारोबारी विवेक सराफ का परिवार रहता है। विवेक के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा सुशांत सराफ और छोटा विराट। विराट पहली कक्षा का छात्र है। वह रोजाना रात में करीब 8 बजे अपने दोस्ते के साथ घर के बाहर खेलता था। घटना वाली रात भी अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ खेल रहा था।

ऐसे किया था अगवा : पहले नाम पूछा, फिर सरनेम, इसके बाद जबरन उठा ले गए थे

20 अप्रैल की रात करीब 8:20 बजे एक सफेद रंग की बिना नंबर वाली कार गली में पहुंची थी। कार में 3 लोग थे। इनमें से एक ने खिड़की से बाहर झांककर विराट से पूछा ककि तुम्हारा नाम ही विराट है न। बच्चे ने अंकल को बताया कि हां, मैं ही हूं। इस पर बदमाश ने पूछा कि सुशांत तुम्हारा भाई है। विराट ने हां में जवाब दिया। इसके बाद बदमाश ने पूछा तुम अपने नाम के बाद सराफ लगाते हो। जैसे ही विराट ने फिर हां कहा तभी एक बदमाश मुंह पर गमझा बांधकर बाहर निकला और विराट को गाड़ी में खींचकर अंदर बैठा लिया। इसके बाद कार सवार भाग निकले।

किसी करीबी ने की मुखबिरी, बदमाशों को पूरे परिवार की जानकारी, रेकी भी की फिर दिया अंजाम

इस घटना में कारोबारी विवेक सराफ के किसी करीबी की भूमिका संदेह के घेरे में है। क्योंकि जिन बदमाशों ने अपहरण किया उन्हें यह पता था कि बच्चा विराट रोजाना रात 8 बजे यहां पर खेलता है। उसके नाम के साथ पूरे परिवार की जानकारी थी। यही नहीं, घटना के बाद दूर के रिश्तेदारों के पास धमकी भरे फोन भी किए गए। जिसमें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई गई थी। इससे साफ है कि इसमें करीबी की ही मुखबिरी है।

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