ATM cloning : एटीएम में क्लोनिंग का यह वीडियो देख रह जाएंगे दंग, रहें अलर्ट

Crime Helpline Desk : ATM cloning in India
आजकल रोजाना ATM cloning के एक हजार से ज्यादा मामले आ रहे हैं। ऐसा हो सकता है कि आपके एटीएम ATM की क्लोनिंग (Cloning) भी हो गई हो और आपको इसकी जानकारी न हो। इसका भारत में पहली बार खुलासा हुआ है कि एटीएम बूथ में ही कैसे क्लोनिंग डिवाइस Cloning Device Skimmer और कैमरा (hidden camera) लगाया जाता है। जिससे आप अगर किसी एटीएम से पैसे निकालते हैं तो आपके कार्ड की डिटेल के साथ आपका पासवर्ड भी हिडन कैमरे में कैद हो जाता है। आज हम आपको इस तरह की क्लोनिंग के बचने के तरीके के बारे में भी बताएंगे जिससे आप सेफ रहें। इसलिए इसे पढ़ने के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

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ATM कार्ड की आपकी जेब में और इस तरह निकल जाते हैं पैसे

एटीएम में लगी डिवाइस और कैमरे से कार्ड की पूरी डिटेल जालसाजों को मिल जाती है। इस तरह आपके एटीएम (ATM) कार्ड की पूरी डिटेल और पिन नंबर भी मिल जाता है। जिससे क्लोन कार्ड बनाकर आसानी से पैसे निकाल लिए जाते हैं। इसके बाद आपको लगता है कि एटीएम कार्ड मेरी जेब में है और फिर भी पैसे निकल गए। कई लोगों को यह भी लगता है कि मैंने तो किसी दुकान पर शॉपिंग भी नहीं की और किसी के फोन आने पर भी पिन नंबर या कोई अन्य डिटेल नहीं दी फिर भी ऐसा कैसे हो गया। आपके हर उन सवाल का जवाब इस वीडियो से मिल जाएगा जिसका पहली बार लाइव खुलासा हुआ है।

ऐसे लगाते हैं एटीएम बूथ में डिवाइस

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ATM मशीन में जहां आप कार्ड डालते हैं उसी जगह पर नकली डिजाइन किया हुआ कार्ड रीडर प्वाइंट लगाया जाता है। इसके अलावा जिस जगह बटन दबाकर आप कार्ड का पिन या पासवर्ड डालते हैं उसके ठीक ऊपर हिडन कैमरे वाला एक बोर्ड लगा दिया जाता है। इसी बोर्ड में चिप होती है और 16 से 32 जीबी मेमोरी वाला रिकॉर्डिंग चिप भी होती है। जिसके जरिए 24 से 36 घंटे तक एटीएम में कार्ड से पैसे निकालने आने वाले लोगों की डिटेल सेव हो जाती है।

ऐसे बनाते हैं क्लोन कार्ड : फिर किसी भी एटीएम से रात 12 से पहले और बाद में करते हैं ट्रांजैक्शन

आपने अक्सर किसी शॉपिंग मॉल की शॉप में किसी शोरूम के कार्ड को देखा। इस कार्ड को शोरूम सेल्समैन अपने कस्टमर को शॉपिंग के लिए देते हैं। यह भी बिल्कुल एटीएम कार्ड की तरह होता है। दरअसल, इसे बनाने की प्रक्रिया भी बिल्कुल एटीएम कार्ड की तरह होती है। इसे भी एटीएम में प्रयोग किया जा सकता है अगर इसके मैग्नेटिक या चिप में एटीएम मशीन से चुराई गई डिटेल को सेव कर दिया जाता है। इसके बाद जालसाज उस कार्ड को एटीएम में डालकर पहले से हिडन कैमरे की मदद से मिले पासवर्ड को डाल पैसे निकाल लेते हैं।

आखिर कैसे जानें कि किसी एटीएम में नकली कार्ड रीडर और हिडन कैमरा कहां लगा है

ATM पासवर्ड डालने के ठीक ऊपर लगाए बॉक्स में लगा हिडन कैमरा

Prof Triveni Singh IPS

साइबर एक्सपर्ट व यूपी के तेज तर्रार आईपीएस प्रो. त्रिवेणी सिंह बताते हैं कि आजकल एटीएम क्लोनिंग करने के कई तरीके बन चुके हैं। ऐसे में एटीएम बूथ में हिडन कैमरे और नकली कार्ड रीडर की मदद से डिटेल लेकर क्लोनिंग करना सबसे आसान और सटीक तरीका बन गया है। इससे बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें..

  • सबसे पहले किसी एटीएम बूथ में जाएं तो ये जरूर देखें कि वहां हमेशा गार्ड की तैनाती रहती है या नहीं।
  • दरअसल, जालसाज वैसे ही एटीएम को टारगेट करते हैं जहां गार्ड नहीं होते हैं या फिर वो थोड़ा सूनसान एरिया में होता है
  • एटीएम बूथ में जाएं तो कार्ड को डालने या स्वाइप करने से पहले एटीएम कार्ड रीडर के बॉक्स को हाथ से हिलाकर देख लें
  • अगर नकली कार्ड रीडर लगा रहता है तो उसे बाहर से चिपकाया गया होता है ऐसे में वह आसानी से निकल भी सकता है
  • इसके बाद यह देखें कि जहां पर पासवर्ड डालते हैं तो वहां ऐसा कोई बॉक्स तो नहीं है जिसमें एक कैमरे लगाने की जगह हो
  • ऐसा देखते ही उसे भी हाथ से मारकर या एक बार निकालने का प्रयास जरूर कर लें। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दें।
  • सबसे ज्यादा जरूरी कि जब भी आप पासवर्ड डालते हैं तो एक हाथ से ढककर उसे डालें ताकि अगर कैमरा लगा भी हो तो उसकी रिकॉर्डिंग न हो सके।

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