इन 10 वेबसाइटों से पतंजलि की डिस्ट्रीब्यूटरशिप ली तो बन जाएंगे ठगी के शिकार

कहीं आप भी पतंजलि की डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने के नाम पर जालसाजी का शिकार तो नहीं हो रहा है। ऐसा हो सकता है क्योंकि इस समय 10 से ज्यादा वेबसाइटें ऐसी हैं जिसके जरिए बिहार में बैठे जालसाज पतंजलि की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर 25 से 50 हजार रुपए तक ठग ले रहे हैं। इन लोगों ने बकायदा पतंजलि की असली वेबसाइट से मिलती जुलती वेबसाइट भी बनवा रखा है। इस पर अपना मोबाइल नंबर देकर खुद को पतंजलि का अधिकारी बताकर ठगी कर रहे हैं। इसलिए इन ठगों से बचना है तो इस खबर को जरूर पढ़ें और अपने दोस्तों से भी शेयर करें ताकि वो कहीं इस तरह की ठगी के शिकार न हो जाएं।

पतंजलि की तरफ से डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए नहीं ली जाती है फीस, जालसाज मांगते हैं पैसे

ये फर्जी वेबसाइटें पतंजिल डिस्ट्रिब्यूटर या डीलरशिप या प्रोवाइडरशिप या फिर महावितरक जैैसे नाम से चल रही हैं। इन सभी वेबसाइट पर वॉट्सएप नंबर से लेकर फोन नंबर देकर लोगों से संपर्क किया जा रहा है। इन नंबर पर लोग जब संपर्क करते हैं तो जालसाज खुद को पतंजलि के हरिद्वार ऑफिस से बताकर डिस्ट्रिब्यूटरशिप के बारे में पूरी जानकारी देते हैं। इसके बाद अगर सिर्फ पतंजलि स्टोर खोलना है तो रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 25 हजार रुपए से लेकर 50 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। इसके अलावा प्रोडक्ट पहुंचाने के लिए सिक्योरिटी मनी के तौर पर 3-5 लाख रुपए या फिर जितने लाख का प्रोडक्ट मंगाएंगे उसका 50 फीसदी एडवांस में मांग रहे हैं। वहीं, पतंजलि के आधिकारिक मीडिया प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने बताया कि डिस्ट्रिब्यूटरशिप के लिए कोई फीस नहीं ली जाती है। वेबसाइट बनाकर पैसों की मांग करने वाले सभी लोग फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। इसके लिए जल्द ही सीबीआई में शिकायत करके जांच कराने की मांग की जाएगी।

गूगल पर पतंजलि डिस्ट्रिब्यूटर सर्च करते ही आ रहीं फर्जी वेबसाइटें

दरअसल, कोई भी शख्स डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने के लिए सबसे पहले गूगल पर पतंजिल डिस्ट्रीब्यूटरशिप लिखकर सर्च करता है। ऐसा ही करने पर पतंजलि की असली व आधिकारिक वेबसाइट शायद ही आपको पहले मिले। इसके बजाय तमाम फर्जी वेबसाइटें मिल रही हैं। इन वेबसाइट के होमपेज पर रामदेव व आचार्य बालकृष्ण की फोटो के साथ पतंजलि के प्रोडक्ट की फोटो देखकर आप इसके फर्जी होने का अंदाजा ही नहीं लगा पाएंगे। सभी वेबसाइट पर फोन नंबर, वॉट्सएप नंबर व ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई है। इन नंबरों की पड़ताल करने पर 8 नंबर बिहार के मिले जबकि दो नंबर दिल्ली-एनसीआर के मिले हैं। वहीं, जालसाज खुद को हरिद्वार में होने का दावा कर रहे हैं।

ये हैं फर्जी वेबसाइटें

www.patanjalidealership.com,

www.patanjaliprovidership.com
www.patanjalimahavitrak.com
www.onlinepatanjaliayurved.org/
www.patanjaliayurveds.org
www.onlinepatanjali.org
www.patanjalidistributors.org
www.patanjalidistributorsonline.com
www.patanjalipoint.com

जालसाजों से फोन पर बात की तो ऐसे फंसाने लगे अपने जाल में

कस्टमर : आप पतंजलि डिस्ट्रिब्यूटरशिप ऑफिस से बात कर रहे हैं तो स्टोर शुरू करने के लिए क्या करना होगा?
जालसाज : हां, मैं हरिद्वार ऑफिस से बात कर रहा हूं। पतंजलि के ऑफिस के हेल्पलाइन नंबर पर काम करता हूं। अगर आपको स्टोर जिला स्तर पर शुरू करना है तो 49,800 रुपये देने होंगे।
कस्टमर: इसके लिए कैसे आवेदन फॉर्म मिलेंगा, पैसे कैसे देने होंगे और कितने दिन में मेरा काम शुरू हो पाएगा।
जालसाज : देखिए, स्टोर शुरू करने की प्रक्रिया पतंजलि की काफी तेज है। पतंजलि का प्रोडक्ट पूरा तैयार है। आवेदन फॉर्म आपको 2 मिनट में वॉट्सएप भी कर देंगे। जितना जल्दी आप फॉर्म भरकर हमारे अकाउंट में पैसे डाल देंगे उतना ही जल्दी 2 से 3 दिन में ही आपका काम शुरू हो जाएगा।
कस्टमर : प्रोडक्ट खरीदने के लिए एडवांस कितना देना होगा और मेरा कितना उसमें फायदा होगा?
जालसाज: पतंजलि के प्रोडक्ट की बिक्री तो आप भी जानते हैं। कितना जल्दी बिक जाता है। कितनी डिमांड है। इसलिए अगर आप 10 लाख का सामान लेते हैं तो उसका 50 फीसदी पहले एडवांस में देना पड़ेगा। इसके अगले दिन आपके पते पर सामान पहुंच जाएगा। आपको प्रति फूड प्रोडक्ट पर 40 पर्सेंट, कॉस्मेटिक पर 30 पर्सेंट और मेडिसिन पर 25 पर्सेंट का फायदा मिलेगा। बस आप जितना जल्दी से जल्दी काम शुरू कर दें।

सिर्फ https://www.patanjaliayurved.netwww.patanjaliayurved.org ही असली साइट, बाकी सभी फर्जी वेबसाइट

गूगल पर सर्च करने के बाद 10 से ज्यादा वेबसाइट होने और फर्जीवाड़े होने के बारे में पतंजलि के मीडिया प्रवक्ता एसके तिजारावाला से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि पतंजलि की दो वेबसाइट www.patanjaliayurved.netwww.patanjaliayurved.org ही असली हैं। बाकी जितनी वेबसाइटें हैं वो सभी फर्जी हैं।

आप ऐसे पहचाने असली व नकली वेबसाइट

वेबसाइट लिंक से पहले https लिखा है या नहीं :

पतंजलि की आधिकारिक वेबसाइट को ध्यान से देखें। इसका पूरा लिंक है https://www.patanjaliayurved.net। इसमें शुरू में https लिखा है। इसमें http के बाद लिखे s का मतलब है सिक्योर। अगर किसी बड़ी कंपनी या अन्य कोई भी आधिकारिक वेबसाइट होती है तो उसे सिक्योर बनाया जाता है जिस कारण उसके लिंक से पहले https लिखा आता है। अगर यह लिखा है तब आप समझ जाएं की फर्जीवाड़ा होने की आशंका काफी कम है। पतंजलि के नाम से अन्य सभी वेबसाइट की लिंक में http ही लिखा है।

Whois वेबसाइट में जाकर डिटेल चेक करें

अगर किसी वेबसाइट के जरिए आप लेनदेन करना चाह रहे हैं तो वह वेबसाइट फर्जीवाड़े के उद्देश्य से बनाई गई है या नहीं, इसका भी आप काफी हद तक पता लगा सकते हैं। इसके लिए https://who.is वेबसाइट पर जाना होगा। इस वेबसाइट के डोमेन नेम सर्च ऑप्शन में जाकर आप लिंक डालेंगे तो आपको उसकी डिटेल मिल जाएगी। जैसे वेबसाइट को बनवाने वाले का नाम, उसका पता व फोन नंबर। पतंजलि की असली वेबसाइट पर ये सारी जानकारी है जबकि फर्जी वेबसाइटों पर गलत पता दिया है वो भी नहीं है। फोन नंबर भी नहीं है। यहां दिए फोन नंबर से भी आप चेक कर सकते हैं।

पतंजलि डिस्ट्रिब्यूटरशिप के लिए नहीं लिया जाता कोई चार्ज : एसके तिजारावाला
पतंजलि के मीडिया प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने बताया कि उनकी ऑफिसियल वेबसाइट से ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीके से डिस्ट्रिब्यूटरशिप के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए पतंजलि की तरफ से कोई फीस नहीं ली जाती है। आवेदन करने के बाद वेरिफिकेशन से लेकर पूरी प्रक्रिया है जिसके बाद मुफ्त में डिस्ट्रीब्यूटरशिप दी जाती है।

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